गाँव-कस्बों में कैंसर को लेकर कई बातें कही जाती हैं। इनमें से कुछ गलत बातें मरीज को समय पर इलाज से दूर कर देती हैं। आइए सच जानें।
1. "कैंसर छूने या साथ खाने से फैलता है"
सच: कैंसर सामान्य मेलजोल, साथ खाना खाने या गले लगाने से नहीं फैलता। मरीज की देखभाल टीम ने संक्रमण से बचाव की जो सावधानियाँ बताई हों, उनका पालन करें। स्रोत: NCI की कैंसर संबंधी गलतफ़हमियों की जानकारी।
2. "बायोप्सी कराने से कैंसर फैल जाता है"
सच: कई मामलों में कैंसर की पुष्टि और उसका प्रकार समझने के लिए बायोप्सी की ज़रूरत होती है; हर मरीज के लिए एक ही जाँच लागू नहीं होती। मानक प्रक्रियाओं के अनुसार की गई बायोप्सी या सर्जरी से कैंसर फैलने का जोखिम बहुत कम होता है। डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए कौन-सी जाँच ज़रूरी है और उसके लाभ व जोखिम क्या हैं। स्रोत: NCI: कैंसर की जाँच और बायोप्सी संबंधी जानकारी।
3. "कैंसर मतलब मौत"
सच: कैंसर का परिणाम हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। यह कैंसर के प्रकार, उसके फैलाव, उपलब्ध इलाज और व्यक्ति की सेहत सहित कई बातों पर निर्भर करता है। अपनी स्थिति और इलाज के बारे में कैंसर डॉक्टर से बात करें। स्रोत: NCI की जानकारी।
कैंसर के शुरुआती लक्षण कौन से हैं, यह ज़ेनहील के इस लेख में पढ़ें।
4. "गाँठ में दर्द नहीं है तो चिंता की बात नहीं"
सच: कैंसर कभी-कभी दर्द के बिना भी हो सकता है। नई या बनी रहने वाली गाँठ डॉक्टर को दिखाएँ; दर्द शुरू होने का इंतज़ार न करें। मुँह का छाला या दूसरी परेशानी दो हफ़्ते से अधिक रहे तो डॉक्टर या दंत चिकित्सक से जाँच कराएँ। ऐसे लक्षणों के कैंसर के अलावा भी कारण हो सकते हैं। स्रोत: NCI: कैंसर के लक्षण और NIDCR: मुँह के कैंसर की जानकारी।
5. "सिर्फ़ जड़ी-बूटी या घरेलू नुस्खे से कैंसर ठीक हो जाएगा"
सच: घरेलू नुस्खे या जड़ी-बूटियाँ प्रमाणित कैंसर इलाज की जगह न लें। कुछ उत्पाद इलाज के साथ नुकसानदेह असर कर सकते हैं। कोई आयुर्वेदिक दवा, जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट लेने से पहले कैंसर डॉक्टर को बताएँ। स्रोत: NCI की जड़ी-बूटी संबंधी जानकारी।
6. "गुटखा थोड़ा-बहुत खाने से कुछ नहीं होता"
सच: तंबाकू का कोई रूप सुरक्षित नहीं है। चबाने वाला तंबाकू मुँह, भोजन-नली और अग्न्याशय के कैंसर का कारण बन सकता है। धूम्रपान फेफड़ों सहित कई कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। तंबाकू छोड़ने में मदद के लिए डॉक्टर से बात करें। स्रोत: NCI: बिना धुएँ वाला तंबाकू और NCI: धूम्रपान और छोड़ने के तरीके।
7. "कैंसर का इलाज सिर्फ़ अमीरों के लिए है"
सच: PM-JAY जैसी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों के लिए निर्धारित अस्पतालों और पैकेजों में सहायता देती हैं। पात्रता, अस्पताल की सूचीबद्धता और इलाज का पैकेज अलग-अलग जाँचें। खर्च के कारण इलाज में देरी हो सकती हो तो अपनी उपचार टीम और अस्पताल की सहायता डेस्क से बात करें। स्रोत: भारत सरकार की PM-JAY जानकारी।
आयुष्मान विषय पर ज़ेनहील का यह लेख भी पढ़ सकते हैं। वाराणसी के अस्पताल की जानकारी देखने के बाद किसी सुविधा या योजना की वर्तमान उपलब्धता सीधे अस्पताल और आधिकारिक योजना-डेस्क से जाँचें।
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