Free Cancer Helpline +91 99307 09000 · WhatsApp · Free OPD Helpline
Donate

स्तन की ख़ुद जाँच कैसे करें: घर पर 5 मिनट की आसान विधि और कब डॉक्टर को दिखाएँ


स्तन कैंसर भारत में महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, आज़मगढ़, प्रतापगढ़, बलिया और बिहार के गाँवों में बहुत-सी महिलाएँ महीनों तक स्तन की गाँठ को छुपाए रखती हैं, कभी शर्म से, कभी डर से, कभी इसलिए कि “दर्द तो है ही नहीं।” जब तक वे डॉक्टर तक पहुँचती हैं, बीमारी अक्सर बढ़ चुकी होती है। स्तन की ख़ुद जाँच (Breast Self Exam) एक आसान आदत है, जो हर महिला घर पर, बिना किसी ख़र्च के, महीने में एक बार कर सकती है। इससे आप अपने शरीर को पहचानती हैं और किसी बदलाव को जल्दी नोटिस कर पाती हैं। यह लेख इसकी पूरी विधि आसान भाषा में बताता है।

Book Free OPD: स्तन में कोई बदलाव दिखे? मुफ़्त सलाह और same-day appointment के लिए कॉल करें +91 99307 09000।

ख़ुद जाँच क्यों ज़रूरी है?

ख़ुद जाँच मैमोग्राफ़ी या डॉक्टर की जाँच की जगह नहीं लेती, लेकिन यह जागरूकता बढ़ाती है। जब आप हर महीने अपने स्तनों को देखती और छूती हैं, तो आप जान जाती हैं कि आपके लिए “सामान्य” क्या है। फिर कोई नई गाँठ, सख़्ती या बदलाव होने पर आप उसे जल्दी पकड़ लेती हैं। शुरुआती स्तर पर पकड़े गए स्तन कैंसर में आमतौर पर इलाज आसान होता है और ज़्यादा विकल्प मिलते हैं।

कब करें?

  • 20 साल की उम्र से हर महीने एक बार।
  • माहवारी वाली महिलाएँ: माहवारी ख़त्म होने के 3 से 5 दिन बाद, जब स्तन सबसे कम सूजे और नरम होते हैं।
  • माहवारी बंद हो चुकी (मेनोपॉज़) या गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएँ: हर महीने कोई एक तारीख़ तय कर लें, जैसे महीने की पहली तारीख़।

स्टेप 1: आईने के सामने देखें

कमर तक कपड़े हटाकर अच्छी रोशनी में आईने के सामने सीधी खड़ी हों।

  1. हाथ कमर पर रखकर दोनों स्तनों को ध्यान से देखें।
  2. दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाकर फिर देखें।
  3. हाथ कमर पर दबाते हुए कंधे थोड़ा आगे झुकाकर देखें।

इन बदलावों पर ध्यान दें:

  • स्तन के आकार या बनावट में नया फ़र्क़ (दोनों स्तनों में थोड़ा अंतर सामान्य है)
  • त्वचा में गड्ढा, सिकुड़न या संतरे के छिलके जैसी बनावट
  • लालिमा, सूजन या त्वचा मोटी होना
  • निप्पल का अंदर धँसना (अगर पहले से ऐसा नहीं था) या दिशा बदलना
  • निप्पल के आसपास पपड़ी, घाव या खुजली जो ठीक न हो

स्टेप 2: लेटकर हाथ से जाँचें

यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है, क्योंकि लेटने पर स्तन का ऊतक फैल जाता है और गाँठ महसूस करना आसान होता है।

  1. पीठ के बल लेटें। दाहिने कंधे के नीचे एक तकिया रखें और दाहिना हाथ सिर के पीछे रखें।
  2. बाएँ हाथ की बीच की तीन उँगलियों के पोरों (नाख़ून नहीं, अंगुली का सपाट हिस्सा) से दाहिने स्तन की जाँच करें।
  3. छोटे-छोटे गोल घुमाव (सिक्के के आकार के) बनाते हुए तीन दबाव से जाँचें: हल्का (त्वचा के ठीक नीचे), मध्यम (बीच में) और गहरा (पसलियों के पास)।
  4. पूरे स्तन को एक तय पैटर्न में जाँचें, जैसे ऊपर से नीचे सीधी लाइनों में (लॉन में घास काटने जैसा)। ऊपर कॉलर बोन से नीचे ब्रा लाइन तक, और बीच में छाती की हड्डी से बग़ल तक।
  5. बग़ल (आर्मपिट) को भी ज़रूर जाँचें, क्योंकि वहाँ गिल्टियाँ होती हैं।
  6. निप्पल को हल्के से दबाकर देखें कि कोई स्राव तो नहीं निकलता।
  7. अब तकिया बाएँ कंधे के नीचे रखकर, बायाँ हाथ सिर के पीछे रखकर, दाहिने हाथ से बाएँ स्तन की इसी तरह जाँच करें।

स्टेप 3: नहाते समय जाँचें

साबुन लगे गीले हाथ त्वचा पर आसानी से फिसलते हैं, जिससे गाँठ महसूस करना आसान होता है। नहाते समय एक हाथ सिर के ऊपर रखें और दूसरे हाथ की उँगलियों से ऊपर बताए तरीके से स्तन और बग़ल की जाँच करें।

किन बदलावों पर डॉक्टर को दिखाएँ?

ज़्यादातर गाँठें कैंसर नहीं होतीं; कई बार ये हार्मोन से जुड़ी गाँठें (फ़ाइब्रोएडिनोमा) या सिस्ट होती हैं। लेकिन फ़र्क़ सिर्फ़ जाँच से पता चलता है। इनमें से कुछ भी हो तो दो-तीन हफ़्ते के अंदर डॉक्टर को दिखाएँ:

  • स्तन या बग़ल में नई गाँठ या सख़्त हिस्सा, चाहे उसमें दर्द न हो
  • अगली माहवारी के बाद भी बनी रहने वाली गाँठ
  • निप्पल से ख़ून या पानी जैसा स्राव, बिना दबाए
  • त्वचा में गड्ढा, सिकुड़न, लालिमा या संतरे के छिलके जैसी बनावट
  • निप्पल का नया धँसना
  • स्तन के किसी हिस्से में लगातार दर्द जो माहवारी से जुड़ा न हो

याद रखें: दर्द न होना कैंसर न होने का सबूत नहीं है। स्तन कैंसर की शुरुआती गाँठ अक्सर बिना दर्द की होती है।

ख़ुद जाँच के अलावा कौन-सी जाँच?

  • डॉक्टर द्वारा जाँच (Clinical Breast Exam): 30 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी से जाँच करवाएँ। कई सरकारी केंद्रों पर यह मुफ़्त होती है।
  • मैमोग्राफ़ी: 40 साल की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह से नियमित अंतर पर। परिवार में स्तन या अंडाशय का कैंसर हो तो पहले शुरू करने की सलाह मिल सकती है।
  • अल्ट्रासाउंड: कम उम्र की महिलाओं में या गाँठ की जाँच के लिए।
  • बायोप्सी: अगर गाँठ संदिग्ध लगे तो पक्की पुष्टि के लिए। रिपोर्ट समझने के लिए हमारा लेख बायोप्सी रिपोर्ट कैसे समझें पढ़ें।

किन्हें ज़्यादा सावधान रहना चाहिए?

  • जिनकी माँ, बहन या बेटी को स्तन या अंडाशय का कैंसर हुआ हो
  • 40 साल से ऊपर की महिलाएँ
  • जिन्होंने देर से (30 के बाद) पहला बच्चा किया हो या स्तनपान न कराया हो
  • मोटापा, शारीरिक मेहनत की कमी, शराब और तंबाकू
  • पहले कभी स्तन में गाँठ या कैंसर रहा हो

घर की महिलाओं को प्रेरित करें

माँ, सास, बहन, बेटी और पड़ोस की महिलाओं को यह विधि सिखाएँ। हर महीने की एक तारीख़ पर फ़ोन में रिमाइंडर लगाएँ। पुरुष सदस्य भी साथ दें: अगर घर की कोई महिला गाँठ के बारे में बताए, तो उसे टालें नहीं, उसी हफ़्ते डॉक्टर के पास ले जाएँ। पुरुषों को भी स्तन कैंसर हो सकता है, हालाँकि बहुत कम; छाती में गाँठ हो तो वे भी जाँच करवाएँ।

वाराणसी और प्रयागराज में किसे दिखाएँ?

ज़ेनहील कैंसर हॉस्पिटल, वाराणसी में डॉ. प्रितेश राजीव सिंह (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) और डॉ. अमित कुमार पाठक (ऑन्कोलॉजिस्ट, MBBS, MD, IMS BHU) स्तन की गाँठ की जाँच और आगे की योजना बताते हैं। जानकारी: वाराणसी कैंसर हॉस्पिटल, ZenHeal वाराणसी।

प्रयागराज (जॉर्ज टाउन) में डॉ. विशाल केवलानी (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) और डॉ. मोहम्मद अक़ील (ऑन्कोलॉजिस्ट) उपलब्ध हैं। जानकारी: प्रयागराज कैंसर हॉस्पिटल, ZenHeal प्रयागराज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्तन की ख़ुद जाँच कब करनी चाहिए?

महीने में एक बार। माहवारी वाली महिलाएँ माहवारी ख़त्म होने के 3 से 5 दिन बाद करें; बाक़ी महिलाएँ हर महीने की कोई एक तय तारीख़ चुनें।

क्या स्तन की हर गाँठ कैंसर होती है?

नहीं। ज़्यादातर गाँठें कैंसर नहीं होतीं, लेकिन हर नई गाँठ की डॉक्टर से जाँच ज़रूरी है, क्योंकि फ़र्क़ सिर्फ़ जाँच से पता चलता है।

क्या दर्द न हो तो गाँठ ख़तरनाक नहीं है?

ऐसा नहीं है। स्तन कैंसर की शुरुआती गाँठ अक्सर बिना दर्द की होती है, इसलिए दर्द न होने पर भी दिखाएँ।

मैमोग्राफ़ी कब से करवानी चाहिए?

आमतौर पर 40 साल के बाद डॉक्टर की सलाह से। परिवार में स्तन कैंसर हो तो डॉक्टर पहले शुरू करने की सलाह दे सकते हैं।

स्तन में गाँठ हो तो मुफ़्त सलाह कैसे लें?

+91 99307 09000 पर कॉल करें। हम मुफ़्त सलाह, रिपोर्ट रिव्यू और same-day appointment में मदद करते हैं।

Love Heals Cancer कैसे मदद करता है

Love Heals Cancer एक गैर-लाभकारी संस्था है जो कैंसर मरीज़ों और उनके परिवारों की मदद करती है। हमारी हेल्पलाइन मुफ़्त है और हिंदी व अंग्रेज़ी में चलती है:

  • रिपोर्ट का मुफ़्त रिव्यू और सही विशेषज्ञ तक पहुँच
  • पास के अस्पताल में same-day appointment दिलाने में मदद
  • आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री राहत कोष, राष्ट्रीय आरोग्य निधि और एनजीओ मदद पर मार्गदर्शन
  • मरीज़ और परिवार के लिए काउंसलिंग

हम कभी OTP या बैंक की जानकारी नहीं माँगते, और इलाज के नतीजों का कोई वादा नहीं करते। हमारा लक्ष्य है कि आपको समय पर सही इलाज मिले। अधिक पढ़ें: आर्थिक मदद और हीलिंग स्टोरीज़।

अभी कॉल करें: +91 99307 09000 | Book Free OPD | same-day appointment

ज़ेनहील ऑन्कोलॉजी टीम द्वारा चिकित्सकीय समीक्षा। यह लेख जागरूकता के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता।

Request a Cancer Counselor Callback

For patients and families across Uttar Pradesh and Bihar: for questions about reports, treatment options, costs or the Ayushman card, leave your name and phone number to request a callback from a patient counselor. काउंसलर से कॉलबैक का अनुरोध करने के लिए अपना नाम और फ़ोन नंबर छोड़ें।







    Love Heals Cancer is a non-profit. We do not promise cures; treatment is decided by your oncologist.

    In this article

    NA

    Scroll to Top