Love Heals Cancer एक गैर-लाभकारी संस्था है जो कैंसर मरीज़ों और उनके परिवारों की मदद करती है। यह लेख जागरूकता के लिए है और डॉक्टर या नर्स की सलाह की जगह नहीं लेता।
मुँह, गले या खाने की नली (food pipe) के कैंसर में, या सर्जरी और रेडियोथेरेपी के बाद, कई मरीज़ ठीक से निगल नहीं पाते। ऐसे में डॉक्टर नाक से पेट तक एक पतली नली लगाते हैं, जिसे राइल्स ट्यूब (Ryles tube / NG tube) कहते हैं। इससे मरीज़ को खाना, पानी और दवा मिलती रहती है। घर पर सही देखभाल से संक्रमण, नली के खिसकने और खाना फेफड़ों में जाने जैसे ख़तरे कम होते हैं।
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राइल्स ट्यूब क्यों लगाई जाती है?
- मुँह, जीभ, गले या खाने की नली के कैंसर में निगलना मुश्किल हो
- सर्जरी के बाद कुछ दिन मुँह से खाना मना हो
- रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी से मुँह और गले में बहुत छाले या दर्द हो
- मरीज़ बहुत कमज़ोर हो और मुँह से पूरा खाना न खा पा रहा हो
नली कब तक रहेगी, यह डॉक्टर तय करते हैं। कुछ मरीज़ों को लंबे समय के लिए पेट में सीधी नली (PEG) की सलाह दी जा सकती है।
फ़ीड देने से पहले: ज़रूरी तैयारी
- हाथ धोएँ: साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड।
- मरीज़ को बैठाएँ: सिर और कंधे कम से कम 30 से 45 डिग्री ऊपर रखें (तकिए या बेड का सिरा उठाकर)। लेटे हुए मरीज़ को कभी फ़ीड न दें।
- नली की जगह देखें: नाक के पास नली पर लगा निशान (mark) या टेप वहीं है जहाँ अस्पताल ने बताया था। निशान बाहर खिसका दिखे तो फ़ीड न दें और डॉक्टर या नर्स से बात करें।
- अस्पताल का तरीका अपनाएँ: नली सही जगह पर है या नहीं, यह जाँचने का तरीका (जैसे pH जाँच) अस्पताल की नर्स से सीखें और वही अपनाएँ।
फ़ीड कैसे दें
- डॉक्टर या डाइटीशियन ने जो फ़ीड, मात्रा और समय बताया है, वही दें। अपने मन से फ़ीड न बदलें।
- घर का फ़ीड (जैसे दाल का पानी, पतली खिचड़ी, दूध) बताया गया हो तो उसे अच्छी तरह छानकर दें, ताकि नली बंद न हो।
- फ़ीड कमरे के तापमान पर या हल्का गुनगुना हो, बहुत गरम या ठंडा नहीं।
- सिरिंज से धीरे-धीरे दें। जल्दी देने से उल्टी, पेट फूलना या खाँसी हो सकती है।
- फ़ीड से पहले और बाद में नली में थोड़ा साफ़ उबला-ठंडा पानी डालें (जितना अस्पताल ने बताया हो), ताकि नली साफ़ रहे।
- फ़ीड के बाद मरीज़ को कम से कम 30 से 60 मिनट बैठा या सिर ऊँचा रखें।
दवा कैसे दें
- हर दवा अलग से दें, सबको एक साथ न मिलाएँ।
- कुछ गोलियाँ पीसकर नहीं देनी चाहिए (जैसे कुछ लंबे असर वाली या कोटिंग वाली गोलियाँ)। पहले डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट से पूछें।
- हर दवा के बाद नली में थोड़ा पानी डालें।
रोज़ की साफ़-सफ़ाई
- मुँह की सफ़ाई: मरीज़ मुँह से न खा रहा हो, तब भी दिन में 2 से 3 बार मुँह और दाँत साफ़ करें और कुल्ला कराएँ (अगर मरीज़ कर सके)। होंठ सूखे हों तो डॉक्टर से पूछकर लिप बाम लगाएँ।
- नाक की देखभाल: नाक के पास की त्वचा रोज़ साफ़ करें। टेप गंदा या ढीला हो तो सावधानी से बदलें, और नली को हर बार थोड़ी अलग जगह चिपकाएँ ताकि त्वचा पर घाव न बने।
- सिरिंज और बर्तन: हर इस्तेमाल के बाद गरम पानी से धोकर सुखाएँ। अस्पताल ने सिरिंज बदलने का जो समय बताया हो, उसका पालन करें।
नली बंद हो जाए तो
सिरिंज से हल्के गुनगुने पानी से धीरे से धक्का दें। ज़ोर न लगाएँ और नली में कोई तार या पिन न डालें। फिर भी न खुले तो अस्पताल से संपर्क करें।
नली बाहर निकल जाए तो
नली को ख़ुद वापस अंदर न डालें। फ़ीड बंद करें और अस्पताल या नर्स से तुरंत बात करें। नली दोबारा लगाना डॉक्टर या प्रशिक्षित नर्स का काम है।
इन लक्षणों में तुरंत अस्पताल जाएँ
- फ़ीड देते समय या बाद में लगातार खाँसी, साँस फूलना या होंठ नीले पड़ना
- बुख़ार (100.4°F / 38°C या ज़्यादा)
- बार-बार उल्टी, पेट बहुत फूलना या तेज़ दर्द
- नली से या नाक से ख़ून आना
- कई बार दस्त, या पेशाब बहुत कम होना
मरीज़ के मन का भी ख़याल रखें
नाक में नली होने से कई मरीज़ शर्म, चिढ़ या उदासी महसूस करते हैं। उनसे बात करें, खाने के समय उनके साथ बैठें, और छोटी-छोटी प्रगति की तारीफ़ करें। देखभाल करने वाले भी थकते हैं, इसलिए परिवार में काम बाँट लें।
Love Heals Cancer और ज़ेनहील कैसे मदद कर सकते हैं
- हमारी हेल्पलाइन पर मरीज़ और परिवार के लिए सलाह और काउंसलिंग
- ज़ेनहील कैंसर हॉस्पिटल (वाराणसी और प्रयागराज) में कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और पोषण सलाह के लिए same-day appointment में मदद
- आयुष्मान भारत और दूसरी सरकारी योजनाओं पर मार्गदर्शन
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चिकित्सा अस्वीकरण (Medical disclaimer): यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। हर मरीज़ की ज़रूरत अलग होती है। फ़ीड की मात्रा, दवा और नली की देखभाल हमेशा अपने इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्स या डाइटीशियन के निर्देश के अनुसार करें।
अगर मरीज़ का कैंसर इलाज वाराणसी या प्रयागराज के आसपास चल रहा है, तो ZenHeal Cancer Hospital की टीम ट्यूब फ़ीडिंग, डाइट और इलाज के अगले कदम पर सलाह दे सकती है। कैंसर में खान-पान की और जानकारी ZenOnco.io पर पढ़ें।
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